इनका जन्म 07 नवंबर, 1979 को तहसील – मंझौली (श्री विष्णु बराह नगरी ) जिला – जबलपुर (म.प्र.) के एक शिक्षित और संपन्न परिवार में जन्म हुआ, इनके माता पिता श्रीमती तारा साहू और श्री शिवशंकर साहू जी नगर के एक जाने – माने सामाजिक,प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं, श्रीकांत जी की प्राम्भिक शिक्षा मझौली तहसील में ही संपन्न हुई। आंगे राजनीति विज्ञान से डिग्री स्नातक तक की पढ़ाई इनकी जबलपुर के रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी से संपन्न हुई।
उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें शुरू में ही परिवारिक व्यवसाय किराने की दुकान में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, जहां उन्होंने अपने उद्यमशीलता कौशल को निखारा।
श्रीकांत जी की दूरदृष्टिता के कारण अधिक समय तक पारिवारिक वयवसाय में इनका मन नही लगा और इन्होने कुछ अलग और बहुत बड़ा करने का मन में सोच कर एक नय वयवसाय में अपना हुनर और कौशल आजमाने का सोच कर सन – 2005 में, कृषि क्षेत्र में संभावनाओं को पहचानते हुए, उन्होंने कृषि के उत्पाद के विक्रय के लिए किसान सेवा स्टोर की शुरुवात की वाद में इसको बदलाव किया और राशी ट्रेडर्स फर्म, बनाया जिसका कार्य भवन निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान करना एवं रेत का विक्रय करना था जिसके चलते रेत के उत्खनन के कार्य में अपना हाथ आजमाया और इनकी कठोर मेहनत और दृढ़ संकल्प ने सन 2010 से 2018 तक रेत उत्खनन और विक्रय में पूरे जिले में सफल और सबसे बड़े व्यवसायी के रूप में इनकी पहचान बनाई।
उनकी उद्यमशीलता गतिविधियों के बीच, श्री श्रीकान्त साहू जी अपने परिवार के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध रहे। उन्होने प्रतिभा साहू के एक प्यारे पति और अपने दो बच्चों, शिवांशु और सिद्धार्थ के पालन-पोषण करने वाले पिता के रूप में अपनी भूमिकाओं को बाखूबी खुशी और संतुष्टि के साथ निभाया। व्यवसाय के दायरे से परे, श्री श्रीकान्त साहू जी ने सामाजिक कार्यों में सांत्वना पाई। अपनी ऊर्जा को सामाजिक समुदाय के उत्थान के उद्देश्य से की गई पहलों में लगाया। परोपकार के प्रति उनका अटूट समर्पण जरूरतमंद लोगों के लिए आशा की किरण के रूप में काम करता है, जो उनकी सहज करुणा और सहानुभूति को दर्शाता है।
सन 2020 में, वैश्विक महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बीच, श्रीकान्त जी ने अपना अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रयास शुरू किया और भूमि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की स्थापना की इस पहल ने न केवल विपरीत परिस्थितियों में उनके लचीलेपन को प्रदर्शित किया, बल्कि व्यक्तियों को सशक्त बनाने और सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। भूमि क्रेडिट का मुख्य उदेश्य वित्तीय सहायता के लिए मौजूद हैं। भूमि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी द्वारा निभाई जाने वाली प्राथमिक भूमिका यह है कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादकों और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करती है। समाज के सदस्यों से जमा राशि प्राप्त करते हैं, और उनको सेविंग की आदत डलवाते हैं और व्यवसाय और व्यापार में मुनाफा कमाने वाले किसी भी बिचौलिए को हटा देते हैं। हम सदस्यों को कम और उचित ब्याज दरों पर महिला समूह ऋण, व्यक्तिगत ऋण, प्रदान करते हैं।
क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी एक वित्तीय संस्था है जो सहकारी आधार पर संचालित होती है, और अपने सदस्यों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करती है। यह संबंधित राज्य के सहकारी समिति अधिनियम द्वारा विनियमित है और अपने सदस्यों की ऋण और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से कार्य करता है। उत्कृष्टता की निरंतर खोज से प्रेरित और उद्देश्य की एक महान भावना से निर्देशित, श्रीकान्त साहू जी अपनी उल्लेखनीय यात्रा से दूसरों को प्रेरित करना जारी रखते है। उनकी कहानी दृढ़ता की परिवर्तनकारी शक्ति और अटूट दृढ़ संकल्प के गहरे प्रभाव के प्रमाण के रूप में कार्य करती है।
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